सिर्फ एक रात की नींद से जानिए भविष्य की 130 से ज्यादा बीमारियों का खतरा

अब तक डॉक्टर बीमारी के खतरे का अनुमान लगाने के लिए मरीजों के लक्षण, मेडिकल टेस्ट और उनका मेडिकल इतिहास देखते थे। लेकिन अगर केवल एक रात की नींद के दौरान शरीर से मिलने वाले संकेतों से ही भविष्य की बीमारियों का पता चल जाए तो? अमेरिका के स्टैनफोर्ड मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने ऐसा एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किया है, जो सिर्फ एक रात की नींद के डेटा के आधार पर 100 से ज्यादा बीमारियों का खतरा अनुमानित कर सकता है। इस AI मॉडल का नाम SleepFM है। इसे लगभग 65,000 लोगों की 6 लाख घंटे से अधिक नींद के डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें मस्तिष्क की गतिविधि, दिल की धड़कन, सांस लेने के पैटर्न, आंखों और पैरों की हलचल जैसी महत्वपूर्ण शारीरिक संकेत शामिल हैं।
नींद और AI रिसर्च का महत्व
इस अध्ययन में शामिल वैज्ञानिकों का कहना है कि नींद पर AI के क्षेत्र में बहुत कम शोध हुआ है। जबकि ज्यादातर शोध हृदय रोग, कैंसर या अन्य बीमारियों पर केंद्रित रहे हैं, नींद को अक्सर नजरअंदाज किया गया है। लेकिन नींद के दौरान शरीर लगातार कई महत्वपूर्ण संकेत देता है और लगभग 7-8 घंटे तक स्थिर रहने की वजह से यह डेटा अत्यंत समृद्ध होता है। इस कारण नींद का डेटा स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है। SleepFM मॉडल को बनाने के लिए स्टैनफोर्ड स्लीप क्लिनिक के लगभग 35,000 मरीजों के नींद और इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड का उपयोग किया गया, जिनकी उम्र 2 से 96 वर्ष के बीच थी।
SleepFM की बीमारियों की भविष्यवाणी में सफलता
SleepFM मॉडल ने नींद के विभिन्न चरणों की पहचान करने और स्लीप एपनिया जैसे नींद से जुड़ी समस्याओं की गंभीरता को आंकने में अच्छी सफलता दिखाई। इसके बाद इसे एक चुनौतीपूर्ण कार्य दिया गया, जिसमें इसे भविष्य की बीमारियों की भविष्यवाणी करनी थी। शोध में 1,000 से अधिक बीमारियों का विश्लेषण किया गया और SleepFM लगभग 130 बीमारियों के जोखिम का उच्च सटीकता से अनुमान लगा सका। इस मॉडल ने खास तौर पर कैंसर के कई प्रकार, गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं, हृदय रोग और मानसिक विकारों में बेहतर परिणाम दिखाए।
विशेष रूप से पार्किंसन रोग, डिमेंशिया, उच्च रक्तचाप से जुड़ा हृदय रोग, दिल का दौरा, प्रोस्टेट कैंसर, स्तन कैंसर और मृत्यु के खतरे के पूर्वानुमान में इस मॉडल ने 0.8 से ऊपर का स्कोर प्राप्त किया, जो क्लिनिकल उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
भविष्य की योजनाएं और स्वास्थ्य में AI की भूमिका
यह शोध ऐसे समय में आया है जब AI कंपनियां तेजी से हेल्थकेयर सेक्टर में कदम बढ़ा रही हैं। कई प्रमुख AI प्लेटफॉर्म ने हाल ही में मेडिकल उपयोग के लिए खास टूल्स लॉन्च किए हैं। हालांकि डेटा प्राइवेसी और गलत या भ्रामक जानकारी के खतरे को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं। शोधकर्ता भविष्य में स्मार्टवॉच और अन्य पहनने योग्य उपकरणों से आने वाले डेटा को भी SleepFM में शामिल करने की योजना बना रहे हैं ताकि इसके अनुमान और बेहतर हो सकें। वे यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि AI किन संकेतों का उपयोग कर किस बीमारी की भविष्यवाणी करता है।
