हैदराबाद सड़क हादसा CCTV में कैद, डिलीवरी एग्जीक्यूटिव बस के नीचे कुचला गया

तेलंगाना की राजधानी Hyderabad के मेहंदीपट्टनम इलाके में सोमवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में 25 वर्षीय डिलीवरी एग्जीक्यूटिव अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई। अभिषेक ऑनलाइन क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto के लिए काम करता था और हादसे के वक्त वह अपनी ड्यूटी पर था। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे एक भारी वाहन की लापरवाही ने एक मेहनतकश युवक की जान ले ली। इस हादसे ने न सिर्फ सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि डिलीवरी सेक्टर में काम कर रहे युवाओं की असुरक्षित परिस्थितियों को भी उजागर किया है।
कैसे हुआ हादसा और क्या कहती है जांच
यह दर्दनाक घटना 5 जनवरी की रात की बताई जा रही है। शेखपेट इलाके का रहने वाला अभिषेक अपने दोपहिया वाहन से मेहंदीपट्टनम की मुख्य सड़क से गुजर रहा था। तभी गणेश ट्रेवल्स की एक निजी बस ने तेज रफ्तार में उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि अभिषेक बस के टायर के नीचे आ गया और उसे संभलने का कोई मौका नहीं मिला। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। मेहंदीपट्टनम पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान डिलीवरी पार्टनर्स से अपील की कि वे हमेशा हेलमेट पहनें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
हादसे के बाद यूनियन का फूटा गुस्सा
अभिषेक की मौत के बाद तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन Telangana Gig and Platform Workers Union ने प्लेटफॉर्म कंपनियों के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। यूनियन के संस्थापक अध्यक्ष शेख सलाउद्दीन ने इस हादसे पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गिग वर्कर्स से मिनटों में डिलीवरी की उम्मीद की जाती है लेकिन जब उनकी जान जाती है तो कंपनियां जिम्मेदारी लेने से बचती हैं। उनका कहना है कि 10 मिनट की डिलीवरी स्कीम तुरंत लागू हो जाती है और करोड़ों के प्रोजेक्ट फौरन लॉन्च हो जाते हैं लेकिन किसी मजदूर की मौत के बाद उसके परिवार को मुआवजा देने में कंपनियां पीछे हट जाती हैं। यूनियन ने इस घटना को सिस्टम की असंवेदनशीलता का उदाहरण बताया है।
THE @TGPWU STRONG QUESTION TO ALL PLATFORM COMPANIES
💔25-year-old #Zepto delivery worker Abhishek lost his life in Mehdipatnam, Hyderabad. Speed kills. Profits can wait. Lives can’t.
How many more delivery workers must die❓How many must lose their mental and physical health❓ pic.twitter.com/nuBNBzq8KF
— Telangana Gig and Platform Workers Union (@TGPWU) January 6, 2026
यूनियन की मांगें और बड़ा सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद यूनियन ने कई अहम मांगें रखी हैं। सबसे पहली मांग है कि अभिषेक के परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे इस मुश्किल समय में खुद को संभाल सकें। दूसरी मांग यह है कि डिलीवरी के लिए तय किए गए सख्त समय को खत्म किया जाए क्योंकि इसी दबाव में कर्मचारी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने को मजबूर होते हैं। तीसरी और सबसे अहम मांग है कि सभी गिग वर्कर्स के लिए उचित दुर्घटना बीमा अनिवार्य किया जाए ताकि किसी हादसे की स्थिति में परिवार को सहारा मिल सके। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या तेज सेवा की दौड़ में इंसानी जान की कीमत कम होती जा रही है। अभिषेक की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी खामी की ओर इशारा करती है।
