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ऋतिक रोशन ने बताया कैसे एम.एम. बेग ने बनाया उनके अभिनय का सच्चा गुरु

शनिवार को बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन ने वरिष्ठ फिल्ममेकर एम.एम. बेग को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उन्हें अपना मेंटर बताया और उनके निधन पर गहरी शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। ऋतिक ने भावुक नोट लिखकर बताया कि कैसे बेग साहब ने उनके अभिनय जीवन की शुरुआत में उन्हें मार्गदर्शन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि 18 साल की उम्र में उन्होंने बेग साहब से अभिनय के महत्वपूर्ण सबक सीखे। एम.एम. बेग हाल ही में निधन हो गए और उनका शव उनके घर में कई दिनों तक पड़ा रहा, जिसका पता पड़ोसियों की शिकायत पर ही चला।

ऋतिक रोशन का गुरु के प्रति सम्मान

ऋतिक रोशन ने लिखा, “प्रिय बेग जी, जब मैं केवल 18 साल का था और अपने करियर की शुरुआत कर रहा था, तब आपने मुझे अपने शिष्य के रूप में लिया। आपने मेरे आत्मविश्वास और प्रदर्शन को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आपने मेरे अंदर के अभिनेता को उभारा। आपने मुझे मेरी सीमाओं से पार पाकर सही रास्ता दिखाया। मैं आज भी वही अभ्यास करता हूँ जो आपने मुझे सिखाया। आप हमेशा मेरी यादों में रहेंगे।” ऋतिक ने बेग साहब की शिक्षाओं और उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं।

ऋतिक रोशन ने बताया कैसे एम.एम. बेग ने बनाया उनके अभिनय का सच्चा गुरु

एम.एम. बेग का फिल्मी सफर

एम.एम. बेग एक वरिष्ठ फिल्ममेकर थे। स्वतंत्र निर्देशक के रूप में उन्होंने दो फिल्में निर्देशित की, जिनमें नसीरुद्दीन शाह की “मासूम गवाही” (1990) शामिल है, जो अब तक रिलीज़ नहीं हुई, और “छोटी बहू” (1994) जिसमें शिल्पा शिरोडकर मुख्य भूमिका में थीं। बेग साहब का बॉलीवुड में कई कलाकारों और विशेषकर ऋतिक रोशन के पिता राकेश रोशन के साथ करीबी पेशेवर संबंध था। उन्होंने ऋतिक रोशन को संवाद उच्चारण, आवाज़ का प्रयोग और डायलॉग डिलिवरी के गुर सिखाए। यह प्रशिक्षण कहो ना… प्यार है जैसी फिल्म से पहले ही शुरू हो गया था।

बेग परिवार और उनका फिल्मी योगदान

एम.एम. बेग की बेटी, जिसे फिल्मी दुनिया में बेबी गुड्डू के नाम से जाना जाता है, 1980 के दशक की सबसे प्रिय बाल कलाकारों में से एक रही हैं। उन्होंने राजेश खन्ना, स्मिता पाटिल, श्रीदेवी, अनिल कपूर और जीतेंद्र जैसे कलाकारों के साथ कई फिल्मों में काम किया, जिनमें “आख़िर क्यों?”, “नगीना”, “प्यार किया है प्यार करेंगे” और “आलाद” शामिल हैं। बेग साहब का फिल्म जगत में योगदान न केवल निर्देशन तक सीमित था, बल्कि उन्होंने नई पीढ़ी के कलाकारों को दिशा देने और उनके अभिनय को निखारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर फैल गई है।

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