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हिमंत सरमा का मास्टर प्लान असम को चमकदार राज्य बनाने के लिए 31 वादे

भारतीय जनता पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपना बहुप्रतीक्षित घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जिसमें कुल 31 बड़े वादे किए गए हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस मौके पर कहा कि पार्टी का लक्ष्य असम को देश का सबसे चमकदार और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। उन्होंने साफ किया कि बीजेपी केवल चुनावी वादे नहीं कर रही, बल्कि राज्य को विकास और स्थिरता की नई दिशा में ले जाने का रोडमैप पेश कर रही है। इस घोषणा पत्र में सामाजिक सुधार, आर्थिक विकास और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे साफ है कि बीजेपी इस चुनाव को पूरी ताकत से लड़ने के मूड में है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड और सख्त कानून पर फोकस

घोषणा पत्र की सबसे बड़ी घोषणा यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की है, जो बीजेपी के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कानून संविधान की छठी अनुसूची वाले क्षेत्रों और आदिवासी समुदायों पर लागू नहीं होगा। इसके साथ ही कथित लव जिहाद के मामलों पर सख्त कार्रवाई का भी वादा किया गया है। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि बाढ़ की समस्या से जूझ रहे असम को राहत देने के लिए पहले दो वर्षों में 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन घोषणाओं से यह संकेत मिलता है कि बीजेपी कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

हिमंत सरमा का मास्टर प्लान असम को चमकदार राज्य बनाने के लिए 31 वादे

महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े आर्थिक वादे

बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखते हुए कई अहम योजनाओं का ऐलान किया है। अरुणोदय योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली राशि को 1250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करने का वादा किया गया है, जो लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। इसके अलावा ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 40 लाख महिलाओं को 25 हजार रुपये देने की योजना बनाई गई है ताकि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके। वहीं, अगले पांच वर्षों में दो लाख नौकरियां देने और हर जिले में मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य भी रखा गया है, जिससे शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

चुनावी मुकाबला और आगे की रणनीति

इस घोषणा पत्र के जरिए बीजेपी ने साफ संकेत दे दिया है कि वह असम में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जारी इस घोषणा पत्र को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। 9 अप्रैल को एक ही चरण में 126 सीटों पर मतदान होगा, जबकि 4 मई को मतगणना की जाएगी। इस बार मुकाबला बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के बीच कड़ा माना जा रहा है। बीजेपी जहां अपने विकास और सुरक्षा के एजेंडे को लेकर मैदान में उतरी है, वहीं विपक्ष भी इसे चुनौती देने की तैयारी में है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा जताती है और चुनावी नतीजे किसके पक्ष में जाते हैं।

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