देश

संसद में राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच गरमाई जुबानी जंग, क्या होगा आगे?

संसद परिसर में पिछले दिनों विपक्षी नेता राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली थी। राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कहकर निशाना साधा था, जिसके जवाब में बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ करार दिया। शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को बिट्टू ने एक बार फिर राहुल गांधी और उनके परिवार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाठशाला में जाकर सीखें, जिससे उनकी जिंदगी में सफलता आए। बिट्टू ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उनका परिवार देश विरोधी कामों में लगा हुआ है और वे देशहित के खिलाफ हैं।

रवनीत सिंह बिट्टू ने किया गांधी परिवार पर हमला

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी के पिता की हत्या पर उन्हें भारत रत्न दिया गया, लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की शहादत को कोई सम्मान नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस 10 साल तक पंजाब में सरकार में रही, लेकिन उनके लिए कभी भारत रत्न की बात नहीं हुई। बिट्टू ने कहा कि पिछले विवाद के बाद वे और मजबूत हो गए हैं और गांधी परिवार के खिलाफ ईमानदारी से लड़ाई जारी रखेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाठशाला में राहुल गांधी को भी जाना चाहिए ताकि वे जीवन में कामयाब हो सकें।

संसद में राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू के बीच गरमाई जुबानी जंग, क्या होगा आगे?

क्या है राहुल गांधी-रवनीत सिंह बिट्टू विवाद की पूरी कहानी?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब संसद के छठे दिन विपक्षी सांसद मकर द्वार के पास प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कह दिया था, जिस पर बिट्टू ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी को ‘देश का दुश्मन’ कहा। इस जुबानी जंग ने संसद का माहौल गरमा दिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्यसभा में इस मामले को उठाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। यह विवाद राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बना रहा है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।

रवनीत सिंह बिट्टू का राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि

रवनीत सिंह बिट्टू वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और केंद्र सरकार में रेलवे तथा खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री का पद संभाल रहे हैं। वह भाजपा में शामिल होने से पहले कांग्रेस के सदस्य थे। मार्च 2024 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। लोकसभा चुनाव 2024 में बिट्टू को पंजाब की लुधियाना सीट से भाजपा ने उम्मीदवार बनाया था, लेकिन कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वाराण ने उन्हें हराया। बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी 1995 में हत्या कर दी गई थी। उनका राजनीतिक सफर और परिवार की पृष्ठभूमि उनके बयान और सक्रियता को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button