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गुजराती फिल्म ‘लालो-कृष्ण सदा सहायते’ 6 मार्च से सोनी लिव पर होगी डिजिटल स्ट्रीम

गुजराती सिनेमा की सुपरहिट फिल्म ‘लालो-कृष्ण सदा सहायते’ अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आने के लिए तैयार है। थिएटर में जबरदस्त कमाई करने के बाद अब यह फिल्म घर बैठे दर्शकों तक पहुंचेगी। सिर्फ 50 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर इतिहास रच दिया था। मेकर्स ने इसकी डिजिटल रिलीज डेट भी कन्फर्म कर दी है। यह फिल्म 6 मार्च 2026 से सोनी लिव पर स्ट्रीम होगी। उम्मीद की जा रही है कि फिल्म हिंदी वर्जन में भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

लालो की जिंदगी में भगवान कृष्ण का आगमन

फिल्म की कहानी लीलो यानी लालो नाम के एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार श्रुहाद गोस्वामी ने निभाया है। लालो अपने बीते हुए गलत फैसलों और पछतावे में डूबा हुआ इंसान है। वह डिप्रेशन से जूझ रहा है और धीरे-धीरे शराब की लत का शिकार हो चुका है। जिंदगी से निराश लालो एक दिन जल्दी पैसे कमाने के चक्कर में एक सुनसान फार्महाउस में फंस जाता है। वहां वह पूरी तरह अकेला पड़ जाता है।

इसी अकेलेपन के बीच उसे भगवान कृष्ण के दर्शन होने लगते हैं। ये दर्शन उसे उसके डर, अपराध और कमजोरियों से बाहर निकलने का रास्ता दिखाते हैं। लालो की हर सोच में उसकी पत्नी तुलसी और बेटी की याद बनी रहती है। तुलसी का किरदार रीवा रच ने निभाया है। भगवान कृष्ण की दिव्य झलकियों के जरिए लालो अपने अतीत का सामना करता है और धीरे-धीरे खुद को बदलने की कोशिश करता है।

गुजराती फिल्म 'लालो-कृष्ण सदा सहायते' 6 मार्च से सोनी लिव पर होगी डिजिटल स्ट्रीम

फिल्म की रिलीज और रिकॉर्ड तोड़ सफलता

निर्देशक अंकित सखिया ने कहा था कि यह कहानी उनके लिए बहुत निजी और भावनात्मक रही है। फिल्म 10 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और धीरे-धीरे दर्शकों के बीच लोकप्रिय होती चली गई। 9 जनवरी 2026 को इसका हिंदी वर्जन भी रिलीज हुआ, जिससे इसकी पहुंच और बढ़ गई। सिर्फ 51 दिनों में यह फिल्म 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गई और गुजराती सिनेमा में नया रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही पिछली बड़ी हिट फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया।

ओटीटी रिलीज के साथ दर्शकों तक पहुंचेगी कहानी

अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के साथ यह आध्यात्मिक और भावनात्मक कहानी पूरे देश के दर्शकों तक पहुंचने जा रही है। डिजिटल रिलीज से न केवल गुजराती दर्शक बल्कि हिंदी भाषी दर्शक भी फिल्म का आनंद ले सकेंगे। फिल्म की कहानी में जीवन, पछतावा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का संदेश है। इसे देखकर दर्शकों को मनोरंजन के साथ आत्ममंथन का अनुभव भी मिलेगा।

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