बांग्लादेश में हत्या और हमलों का ग्राफ बढ़ा, भारत-बांग्लादेश क्रिकेट रिश्ते पर असर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर हो रहे हिंसात्मक हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने खासतौर पर एक हिंदू विधवा महिला पर हुए क्रूर हमले की कड़ी निंदा की है। बताया गया है कि इस महिला को दो लोगों ने गैंगरेप किया और बाद में एक पेड़ से बांध दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे पूरे भारत और विश्व में लोग आक्रोशित हैं। धवन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना को लेकर लिखा कि ऐसी हिंसा किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है और पीड़ित महिला के लिए न्याय की मांग की।
धवन क्रिकेट की दुनिया में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और साल 2024 में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया। इसके बावजूद वह विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टी20 लीग में खेलते रहते हैं। हाल ही में वे कनाडा सुपर 60 टूर्नामेंट में भी नजर आए थे। शिखर धवन की इस संवेदनशील प्रतिक्रिया ने देश में बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा की घटनाएं
बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हिंसात्मक हमलों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है। खासकर शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद से यह स्थिति और गंभीर हो गई है। दिसंबर 2025 से अब तक कम से कम छह हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। 5 जनवरी को जेसोर जिले में एक हिंदू व्यवसायी और एक न्यूजपेपर के संपादक राणा प्रताप बैरागी को गोली मार दी गई। उसी दिन 40 वर्षीय किराना दुकान मालिक शरत मणि चक्रवर्ती की भी मौत हो गई। 3 जनवरी को शरियतपुर जिले में 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर बेरहमी से हमला किया गया और उनकी दुकान को आग लगा दी गई, जिससे उनकी जान चली गई।
इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश में धार्मिक हिंसा की यह बढ़ती घटनाएं न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत समेत कई देशों ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हिंसा रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।
Heartbreaking to read about the brutal assault on a Hindu widow in Bangladesh. Such violence against anyone, anywhere is unacceptable. Prayers for justice and support for the survivor. 🙏
— Shikhar Dhawan (@SDhawan25) January 7, 2026
BCCI और BCB के रिश्तों में आई खटास
पिछले कुछ महीनों में भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट से जुड़े संबंध भी तनावपूर्ण हो गए हैं। हाल ही में IPL फ्रैंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने 2026 के T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए अपनी टीम को भारत भेजने से मना कर दिया, जिससे दोनों बोर्डों के बीच विवाद बढ़ गया। इस कदम से क्रिकेट के माध्यम से दोनों देशों के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों पर असर पड़ा है।
आईसीसी ने इस स्थिति को देखते हुए BCB को मनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं ताकि आगामी T20 वर्ल्ड कप 2026 बिना किसी बाधा के भारत और श्रीलंका में सफलतापूर्वक आयोजित हो सके। इस बीच भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक और खेल संबंधों को सुधारने के लिए प्रयास जारी हैं, क्योंकि दोनों देश क्रिकेट के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी बनाए रखना चाहते हैं।
बांग्लादेश की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय नजर
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और क्रिकेट विवाद ने इस देश की छवि पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं। शिखर धवन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया इस समस्या पर ध्यान आकर्षित करती है और वैश्विक स्तर पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बहस को बढ़ावा देती है।
इस बीच भारत और अन्य देशों की नजरें बांग्लादेश सरकार की ओर हैं कि वह जल्द से जल्द ऐसे कदम उठाए जो अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और सामाजिक स्थिरता को बढ़ावा दें। साथ ही, दोनों देशों के बीच खेल और कूटनीति के माध्यम से रिश्तों को सुधारने के लिए आवश्यक संवाद और समझौते तेजी से हों ताकि आगामी क्रिकेट टूर्नामेंट्स में कोई रुकावट न आए। विश्व समुदाय इस दिशा में हो रहे प्रयासों पर ध्यान बनाए हुए है और उम्मीद करता है कि बांग्लादेश में शांति और सुरक्षा का माहौल जल्द ही लौटे।
