स्टेल्थ और स्वदेशी इंजन वाला गातक ड्रोन बदल सकता है भविष्य का युद्ध मैदान

आधुनिक युद्ध अब जमीन से हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। जहां लड़ाकू विमान और ड्रोन युद्ध की दिशा तय कर रहे हैं, वहीं चीन तेजी से अपने अत्याधुनिक फाइटर जेट्स और ड्रोन तकनीक को विकसित कर रहा है। इसी कड़ी में भारत भी अपनी सैन्य क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रयास में जुटा है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) इस दिशा में ‘गातक’ नामक विशेष अनमैंड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (UCAV) विकसित कर रहा है। नाम के अनुसार यह ड्रोन दुश्मनों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
स्टेल्थ डिज़ाइन: दुश्मन की राडार नजर से बचने की क्षमता
गातक ड्रोन की सबसे खास विशेषता इसका अत्याधुनिक स्टेल्थ डिज़ाइन है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि यह पारंपरिक विमानों जैसी दिखावट नहीं रखता। इसकी फ्लाइंग-विंग संरचना और छिपे हुए इंजन एयर इंटेक्स इसे राडार पर पकड़ना मुश्किल बनाते हैं। इस वजह से यह भारी सुरक्षा वाले दुश्मन एयर डिफेंस क्षेत्रों में भी बिना पकड़े प्रवेश कर सकता है और अपने मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकता है। इसकी छिपी हुई पहचान और गुप्त संचालन क्षमता इसे भविष्य के युद्धों में बेहद प्रभावशाली बनाती है।

1,000 किलोमीटर तक स्ट्राइक क्षमता और लंबी उड़ान
गातक की ताकत केवल इसके स्टेल्थ में नहीं बल्कि लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता में भी है। 2022 में इसके SWiFT (Stealth Wing Flying Testbed) प्रोटोटाइप के परीक्षण से इसकी उड़ान प्रदर्शन और एयरोडायनेमिक क्षमता सफलतापूर्वक साबित हुई। यह ड्रोन मानव संचालित फाइटर जेट्स जैसे सुखोई Su-30MKI, HAL तेजस Mk2 और आने वाले AMCA के साथ समन्वय में मिशन अंजाम दे सकेगा। लगभग हल्के लड़ाकू विमान के आकार का होने के बावजूद इसकी उड़ान क्षमता और ऑपरेशनल स्टैमिना बहुत अधिक होगी। 13 टन के अधिकतम टेक-ऑफ वज़न और लगभग 3.7 टन ईंधन क्षमता के साथ यह 8 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है। साथ ही यह 1,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित लक्ष्यों को सटीक रूप से निशाना बना सकता है।
स्वदेशी इंजन और भविष्य की हवाई ताकत
गातक ड्रोन को विशेष रूप से कावेरी इंजन के संशोधित संस्करण से चलाने की योजना बनाई गई है, जो भारत में स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जा रहा है और वर्तमान में उन्नत परीक्षण चरण में है। स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल से न केवल इसकी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ेगी बल्कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी। गातक केवल एक ड्रोन नहीं बल्कि भविष्य की हवाई शक्ति की रणनीति में महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाला है। इसकी स्टेल्थ क्षमता, लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता और अत्याधुनिक तकनीक भविष्य के युद्धों में भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।