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जजों की जल्द बहाली पर जोर, CJI सूर्यकांत का हाईकोर्ट्स को पत्र; महिला जजों की नियुक्ति पर विशेष फोकस

देश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीजेआई सूर्यकांत ने सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को अहम पत्र लिखा है। इस पत्र में न्यायाधीशों के रिक्त पदों को जल्द भरने और न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, सीजेआई सूर्यकांत ने 25 उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को लिखे पत्र में कहा कि कॉलेजियम प्रणाली के तहत नियुक्तियों में देरी न की जाए और संभावित रिक्तियों को पहले से ध्यान में रखते हुए समय रहते चयन प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने न्यायिक पीठों में विविधता लाने के लिए महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति को प्राथमिकता देने की बात कही।

सीजेआई ने स्पष्ट किया कि महिला वकीलों को न्यायाधीश बनाने पर ‘अपवाद’ की तरह नहीं बल्कि एक सामान्य प्रक्रिया के रूप में विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने हाईकोर्ट कॉलेजियम से अपने चयन दायरे को व्यापक करने और उन महिला अधिवक्ताओं के नामों पर भी विचार करने को कहा, जो सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं।

हाल के आंकड़ों के अनुसार, उच्च न्यायालयों में अभी भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं। स्वीकृत 1122 पदों के मुकाबले 308 पद रिक्त हैं, जबकि कुल 814 न्यायाधीश कार्यरत हैं। महिला प्रतिनिधित्व की बात करें तो जिला न्यायपालिका में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 36.3% है, लेकिन उच्च स्तर पर यह संख्या अभी भी कम है।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2014 से अब तक उच्च न्यायालयों में 170 महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई है, जिनमें से 96 नियुक्तियां पिछले पांच वर्षों में की गई हैं।

यह पहल न्यायपालिका में लैंगिक समानता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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