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आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों से कर्मचारियों के हाथ में बढ़ सकता है बड़ा वेतन इजाफा

भारत में इस समय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चा जोरों पर है। देश के 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के लिए यह केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक सुरक्षा और जीवन स्तर के लिए महत्वपूर्ण कदम है। नवंबर 2025 में आयोग की आधिकारिक अधिसूचना के बाद से न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोग ने तेजी से काम करना शुरू किया। मई 2027 तक इसकी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने की योजना है, जिसके लिए विभिन्न हितधारकों के साथ लगातार बैठकें और परामर्श जारी हैं।

सैलरी में संभावित इजाफा

कर्मचारियों के लिए सबसे अहम मुद्दा फिटमेंट फैक्टर है, जो बेसिक सैलरी और इन-हैंड वेतन को तय करता है। कर्मचारी संघ मांग कर रहे हैं कि सातवें वेतन आयोग के 2.57 फैक्टर को बढ़ाकर आठवें वेतन आयोग में 2.86 या 3.15 किया जाए। यदि 2.86 फैक्टर को मंजूरी मिलती है, तो निचले स्तर के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये तक पहुंच सकती है। मिडिल लेवल अधिकारियों का मूल वेतन 44,900 रुपये से बढ़कर 1.28 लाख रुपये तक हो सकता है। हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी वृद्धि होगी। उच्च स्तर के अधिकारियों का वेतन 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.75 से 4.50 लाख रुपये तक जाने की संभावना है, जिससे पे-गैप कम होगा।

आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों से कर्मचारियों के हाथ में बढ़ सकता है बड़ा वेतन इजाफा

पेंशनरों को भी मिलेगा लाभ

आठवें वेतन आयोग पेंशनभोगियों के लिए भी कई फायदे लेकर आ रहा है। पेंशन कम्यूटेशन की अवधि 15 साल से घटाकर 11-12 साल करने पर विचार किया जा रहा है। अतिरिक्त पेंशन अब 65 या 70 वर्ष की उम्र से शुरू हो सकती है। फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 से 5,000 रुपये प्रतिमाह किया जा सकता है। न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 22,000 रुपये तक पहुंच सकती है। आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है, और कर्मचारियों को इसके बाद जनवरी 2026 से कार्यान्वयन तक का एरियर एकमुश्त मिलेगा, जो औसतन 1.5 से 4 लाख रुपये तक हो सकता है।

CPSE कर्मचारियों और सुझाव प्रक्रिया

केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उत्साह के बावजूद CPSE कर्मचारियों के लिए अलग वेतन रिवीजन कमेटी की संभावना फिलहाल नहीं है। सरकार के अनुसार, CPSE कर्मचारियों का वेतन उनकी कंपनी की वित्तीय क्षमता और लाभप्रदता पर निर्भर करेगा। हालांकि, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें अप्रत्यक्ष रूप से उनके भविष्य के वेतन दिशा-निर्देशों का आधार बन सकती हैं। इसके अलावा, आयोग ने MyGov पोर्टल पर 18 सवालों की ऑनलाइन प्रश्नावली जारी की है। इसमें न्यूनतम वेतन, सालाना वेतन वृद्धि, MACP योजना और महिला कर्मचारियों के चाइल्ड केयर लीव जैसे मुद्दों पर सुझाव मांगे गए हैं।

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