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ATM से कैश निकासी में गिरावट, लेकिन प्रति ट्रांजेक्शन रकम बढ़कर नया रिकॉर्ड बनाया

आज के डिजिटल युग में ज्यादातर लोग मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं। पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी लोग एटीएम पर जाते थे, लेकिन अब कई काम डिजिटल भुगतान के जरिए आसानी से हो जाते हैं। सब्जी-फल खरीदने से लेकर बड़े स्टोरों में शॉपिंग तक ऑनलाइन भुगतान को व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है। इस बदलाव का साफ असर एटीएम से कैश निकालने की आदत पर भी पड़ा है। धीरे-धीरे लोग कैश निकासी कम कर रहे हैं और डिजिटल लेनदेन को अपनाना बढ़ा रहे हैं।

कैश निकासी की संख्या में कमी, राशि में वृद्धि

CMS इन्फो सिस्टम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में पूरे देश में एटीएम से कैश निकासी की संख्या में कमी आई है। रिपोर्ट में यह बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में एटीएम से औसतन ₹1.30 करोड़ नकद निकाले गए थे, जो 2025 में घटकर ₹1.21 करोड़ हो गए। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि एटीएम ट्रांजैक्शन की संख्या कम हुई है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि एक लेनदेन में निकाली जाने वाली रकम बढ़ी है। 2025 में औसतन प्रति ट्रांजैक्शन राशि 4.5 प्रतिशत बढ़कर ₹5,835 हो गई, जबकि 2024 में यह ₹5,586 थी। इसका मतलब यह है कि लोग कम बार एटीएम जाते हैं लेकिन एक बार में अधिक राशि निकालते हैं।

ग्रामीण इलाकों में अधिक कैश निकासी

रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में एटीएम से कैश निकासी की प्रवृत्ति अधिक है। इन क्षेत्रों में हर एटीएम से औसतन महीने के ₹1.30 करोड़ नकद निकाले गए। जबकि मेट्रो शहरों में यह संख्या कम रही, जहां लगभग ₹1.18 करोड़ निकासी हुई। अन्य शहरी इलाकों में यह ₹1.11 करोड़ के आसपास रही। इससे स्पष्ट होता है कि ग्रामीण और छोटे शहरों में लोग अभी भी नकद भुगतान पर अधिक निर्भर हैं, जबकि मेट्रो क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन का रुझान ज्यादा है।

मौसम, त्योहार और जीएसटी सुधारों का असर

एटीएम से मासिक नकद निकासी पर मौसम, त्योहारों और लोगों की आवाजाही का भी सीधा प्रभाव पड़ता है। त्योहारों के समय कैश की मांग बढ़ जाती है, जबकि कुछ मौसम में लोग कम बाहर निकलते हैं, जिससे निकासी कम होती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सितंबर में जीएसटी सुधारों के बाद लोगों के खर्च करने के तरीकों में बदलाव देखा गया। इससे भी नकद लेनदेन की प्रवृत्ति प्रभावित हुई। कुल मिलाकर, डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ बाहरी कारकों का भी एटीएम कैश निकासी पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ रहा है।

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