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छंटनी के बीच Oracle का बड़ा फैसला नई CFO को मिला ₹200 करोड़ से ज्यादा पैकेज

दुनिया की प्रमुख आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल Oracle ने हिलरी मैक्सन को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर यानी CFO नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कंपनी बड़े स्तर पर अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर रही है और क्लाउड तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं पर फोकस बढ़ा रही है। हिलरी मैक्सन 6 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से CFO का पद संभालेंगी और कंपनी की CEO सफरा कैट्ज को रिपोर्ट करेंगी। उनकी नियुक्ति को कंपनी की दीर्घकालिक वित्तीय रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब Oracle वैश्विक स्तर पर अपने खर्चों को संतुलित करने और भविष्य की ग्रोथ के लिए खुद को तैयार कर रही है।

सैलरी पैकेज और आकर्षक इंसेंटिव संरचना

हिलरी मैक्सन को Oracle द्वारा दिया गया सैलरी पैकेज काफी आकर्षक और चर्चा में है। उन्हें सालाना $950,000 की बेसिक सैलरी मिलेगी जो भारतीय रुपये में लगभग ₹7.8 करोड़ के बराबर है। इसके अलावा उन्हें परफॉर्मेंस आधारित बोनस भी मिलेगा जिसका लक्ष्य $2.5 मिलियन यानी करीब ₹20.75 करोड़ रखा गया है। यदि सभी कैश कंपोनेंट्स को जोड़ दिया जाए तो उनकी कुल संभावित सालाना कैश सैलरी लगभग $3.45 मिलियन यानी करीब ₹29 करोड़ तक पहुंच सकती है। यह पैकेज कंपनी की ओर से उनके अनुभव और जिम्मेदारियों को देखते हुए तैयार किया गया है और इसमें प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण योगदान है।

छंटनी के बीच Oracle का बड़ा फैसला नई CFO को मिला ₹200 करोड़ से ज्यादा पैकेज

इक्विटी ग्रांट और दीर्घकालिक लाभ

मैक्सन के कुल पैकेज का एक बड़ा हिस्सा इक्विटी ग्रांट के रूप में दिया गया है। Oracle ने उन्हें लगभग $26 मिलियन मूल्य की इक्विटी दी है जो भारतीय रुपये में करीब ₹215 से ₹216 करोड़ के आसपास है। इसमें से $20.8 मिलियन की इक्विटी समय आधारित होगी जो चार साल में धीरे धीरे वेस्ट होगी। वहीं $5.2 मिलियन की इक्विटी परफॉर्मेंस आधारित है जो कंपनी के लक्ष्यों से जुड़ी होगी। इस तरह का स्ट्रक्चर यह सुनिश्चित करता है कि वरिष्ठ अधिकारी कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन के साथ जुड़े रहें। इसके अलावा उन्हें relocation सपोर्ट भी दिया जाएगा जिसमें कंपनी 12 महीने तक $250,000 तक के खर्चों की प्रतिपूर्ति करेगी। उनकी नियुक्ति “at-will” आधार पर है जिसका मतलब है कि नौकरी किसी भी समय समाप्त की जा सकती है।

छंटनी के बीच नियुक्ति और उद्योग पर प्रभाव

Oracle की यह नियुक्ति उस समय हुई है जब कंपनी ने हाल ही में लगभग 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है जिसमें भारत के करीब 12,000 कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। यह कदम कंपनी द्वारा लागत कम करने और अपने संचालन को पुनर्गठित करने की रणनीति का हिस्सा है। एक तरफ जहां कंपनी कर्मचारियों की संख्या घटा रही है वहीं दूसरी ओर शीर्ष पदों पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। यह स्थिति टेक इंडस्ट्री में चल रहे उस व्यापक ट्रेंड को दर्शाती है जिसमें कंपनियां क्लाउड कंप्यूटिंग और AI जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही हैं। हालांकि छंटनी और उच्च वेतन के बीच का यह अंतर चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है। इससे यह स्पष्ट होता है कि Oracle भविष्य की तकनीकी मांगों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति को तेजी से बदल रही है।

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