शशि थरूर ने बजट 2026 पर जताई नाराजगी, केरल को क्यों किया नजरअंदाज

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बजट 2026 पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बजट की डिटेल्स बहुत कम थीं और सिर्फ कुछ हेडलाइन ही सामने आईं। खासकर उन्होंने एम्स आयुर्वेद के ऐलान पर सवाल उठाया कि इसका उद्घाटन कहाँ होगा, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। थरूर ने कहा कि केरल में आयुर्वेद की बहुत गहरी परंपरा है, लेकिन बजट भाषण में केरल का कोई जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त मंत्री ने नारियल का जिक्र जरूर किया, जो मुख्य रूप से केरल की पहचान है, लेकिन सीधे तौर पर राज्य का नाम नहीं लिया गया।
अखिलेश यादव का बजट पर तीखा प्रहार: ‘गरीबों की समझ से बाहर’
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट को ज़मीनी हकीकत से कटा हुआ बताते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बजट आम गरीबों की सोच और जरूरतों से दूर है। अखिलेश ने सवाल उठाया कि बिना सही शिक्षा और सामाजिक आधार के हम विकसित भारत कैसे बना सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बजट गरीबों के लिए उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और इससे उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकलेगा। उनकी यह टिप्पणी विपक्ष के नकारात्मक रुख को स्पष्ट करती है और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाती है।
#WATCH | On #UnionBudget, Congress MP Shashi Tharoor says, "We got very few details. There were 3-4 headlines, but we were waiting for the All India Institute of Ayurveda. Where is it? We wanted this in Kerala. We have had a long tradition of Ayurveda. But we didn't hear Kerala's… pic.twitter.com/xyjt5nG83q
— ANI (@ANI) February 1, 2026
कांग्रेस सांसदों की सतर्क प्रतिक्रिया और विकास पर जोर
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बजट पर एक संतुलित और सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बजट के असर को समझना जरूरी है और देखना होगा कि क्या भारत को विकसित देशों जैसा वित्तीय बजट मिल रहा है या नहीं। औजला ने यह उम्मीद जताई कि इस बजट से देश को एक समान और संतुलित विकास की राह मिलेगी। उनके इस बयान से कांग्रेस पार्टी की यह नीति झलकती है कि वे सकारात्मक आलोचना करते हुए सरकार से बेहतर कार्यों की मांग कर रही है।
तृणमूल कांग्रेस का बजट खारिजी बयान: पश्चिम बंगाल की उपेक्षा का आरोप
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने बजट को निराशाजनक और अपर्याप्त बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में वित्त मंत्री ने केवल पुराने योजनाओं को दोहराया है और कोई नया विजन या नीति सामने नहीं आई। खासतौर पर पश्चिम बंगाल को बजट में पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है, जो कि राज्य के विकास के लिए हानिकारक है। रॉय ने कहा कि बजट से राज्यों के लिए कोई खास फायदा नहीं होगा और यह केंद्र-राज्य के बीच समन्वय की कमी को दर्शाता है। उनका यह बयान बजट पर विपक्षी दलों की व्यापक असंतोष की भावना को दर्शाता है।