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BPSC Exam: पेपर लीक के तार आरा के परीक्षा केंद्र से जुड़ रहे, दोबारा परीक्षा कराने में लगेगा समय।

 

BPSC 67th Exam 8 May 2022: बीपीएससी पीटी के प्रश्न पत्र लीक होने के मामले के तार आरा स्थित एक केंद्र से जुड़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस सेंटर पर कुछ अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्नपत्र मिल गए थे और सभी एक ही कमरे में मौजूद थे। देर तक जब अन्य अभ्यर्थियों को पेपर नहीं मिला तो कई उस कमरे में जबरन घुसे और प्रश्नपत्र छीन कर उसे वायरल कर दिया। पेपर लीक आउट मामले की जांच के लिए गठित विशेष टीम आरा सेंटर पर हुई इस घटना पर फोकस कर जांच में जुटी है।

संगठित गिरोह का हो सकता है हाथ: पेपर लीक होने के पीछे संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। आरा के सेंटर पर जिस तरह से पूरा घटनाक्रम सामने आया है, उससे यह आशंका प्रबल हो गई है। कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र पहले कैसे मिला और सभी एक कमरे में कैसे पहुंचे इसकी तहकीकात भी शुरू कर दी गई है। जानकारों का कहना है कि इसके पीछे बड़ी साजिश हो सकती है। बीपीएससी परीक्षा के पेपर लीक की जांच के लिए एडीजी इओयू नैयर हसनैन खां ने 13 पुलिस अधिकारियों की टीम बनाई है। एसपी इओयू सुशील कुमार इस एसआईटी के मुख्य हैं। टीम में 6 डीएसपी और 6 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को रखा गया है। एडीजी खुद जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राज्यभर में 1083 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के रद्द होने से आयोग को एक अनुमान के मुताबिक 10 करोड़ से अधिक का नुकसान आयोग को हुआ है।
बीपीएससी के इतिहास में पहली बार पेपर लीक
बिहार लोक सेवा आयोग के इतिहास में पहली बार 67वीं संयुक्त परीक्षा का प्रश्नपत्र वायरल हुआ है। एक दिन पहले आयोग के अध्यक्ष आरके महाजन ने परीक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए गए थे। बीपीएससी 67वीं परीक्षा का प्रश्नपत्र 11:00 बजे ही टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर वायरल होना शुरू हो गया था। उसके बाद धीरे-धीरे यह मामला यूट्यूब पर पहुंच गया। 11:30 बजे के बाद अधिकारी हरकत में आए और जांच का आदेश दिया गया। उसके 3 घंटे के बाद ही परीक्षा को रद्द कर दिया गया।

पांच लाख अभ्यर्थियों को हुई परेशानी
पीटी रद्द होने के बाद पांच लाख छात्रों को झटका लगा है। खासकर दूरदराज से परीक्षा देने आए छात्रों को आर्थिक रूप से तो नुकसान हुआ ही, मानसिक तौर पर भी वे परेशान हुए। उत्तर प्रदेश से आए अभ्यर्थी राजा दीपेंद्र प्रताप ने कहा कि अभी घर भी नहीं लौटा कि परीक्षा रद्द होने की सूचना सोशल मीडिया से मिली। दिल्ली से आए अमित कुमार, राकेश कुमार और श्रेया कुमारी ने कहा कि इस तरह से बिहार की बदनामी हो रही है। इतनी बड़ी परीक्षा का पेपर लीक होना कहीं न कहीं प्रशासन की व्यावस्था में गड़बड़ी को दर्शाता है।
छात्र पल-पल की जानकारी लेते रहे
परीक्षा के लिए पटना, पूर्णिया, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में सेंटर बनाए गए थे। परीक्षा खत्म होने के तुरत बाद पेपर वायरल होने की खबर फैली। शाम साढ़े सात बजे बीपीएससी ने परीक्षा को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। तीन घंटे की जांच में ही प्रश्नपत्र वायरल को सही पाया गया। इधर, प्रश्नपत्र वायरल होने की सूचना के बाद परीक्षा रद्द होने की आशंका के बीच घर लौटते समय छात्र रास्ते में परीक्षा से संबंधित पल-पल की जानकारी विभिन्न माध्यमों से लेते रहे।

बीपीएससी 67वीं की पीटी की तिथि चार बार बढ़ी थी
बिहार लोक सेवा आयोग ने 67वीं प्रारम्भिक परीक्षा की तिथि में पूर्व में चार बार बदलाव किया गया था। यह परीक्षा पहले 26 दिसम्बर 2021 होनी थी। इसे टाल कर 23 जनवरी 2022 कर दिया गया। परीक्षा केंद्र मिलने में दिक्कत के कारण इसकी तिथि 30 अप्रैल की गई। इस दिन जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा होनी थी, इसलिए बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की तिथि फिर बढ़ा दी गई और इसे 7 मई कर दिया गया। इस दिन कोई बड़ी परीक्षा होने की वजह से फिर इसकी तिथ बढ़ाकर 8 मई कर दी गई। पीटी में शामिल होने के लिए पांच लाख 18 हजार ने एडमिड कार्ड डाउनलोड किया था।

परीक्षा के लिए छात्रों को अब करना होगा इंतजार
अब पांच लाख छात्रों को परीक्षा के लिए इंतजार करना पड़ेगा। परीक्षा में कम से कम तीन माह का समय लगेगा। अभी पूरी प्रक्रिया की जांच होगी। जांच के बाद ही आयोग आगे की परीक्षा के लिए तिथि जारी करेगा।

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