Bihar Breaking News

जहाँ अँधेरे घर में चिराग जलाने की उम्मीद नहीं,उस घर से दो भाई बहन बने डॉक्टर।

लखीसराय ज़िले के बड़हिया निवासी सुनील कुमार उर्फ टिक्कर सिंह के घर में पठन-पाठन लिखने की कोई उम्मीद नहीं था उस घर में टिक्कर सिंह के सुपुत्र उज्जवल एवं बेटी नेहा सिंह भाई बहन एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण कर डिग्री प्राप्त कर घर घर का चिराग एवं रौशन कर दिया.दोनों ने भाई बहन ने यूपी से चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ से नेहा सिंह एवं उज्जवल ने एमबीबीएस फाइनल की डिग्री प्राप्त किया। जिससे दोनों भाई बहन घर की रौशनी जला दिया। जिसकी चर्चा बड़हिया के चौंक चौराहों, वाचनालय, दरवाजों पर आम लोग काफी जोरों से कर रहे हैं। टिक्कर सिंह अपने तीनों बच्चों को प्राथमिक शिक्षा बनारस में, माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा इलाहाबाद में रहकर दिलवाई। मेडिकल के लिए राजस्थान कोटा में आवास लेकर उज्जवल एवं नेहा को कोचिंग करवाया। दोनों भाई बहन मेडिकल एंट्रेंस दिलवाया दोनों भाई बहन मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट पास किया और चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ में नामांकन करवाया। उज्जवल एवं नेहा दोनों भाई बहन चार वर्षीय मेडिकल कोर्स के फाइनल परीक्षा में अच्छे मार्क्स से पास कर डिग्री प्राप्त किया। ना चिराग जलाने वाले घर को रौशन कर दिया। यानि असंभव को दोनों भाई बहन अपनी कड़ी मेहनत के बल पर संभव कर दिया।
उज्जवल एवं नेहा के माता रूबी सिंह ने कहा मेरा सपना था कि मेरा बेटा बेटी चिकित्सक बने और समाज का सेवा करें। वह सपना नेहा एवं उज्जवल एमबीबीएस डिग्री प्राप्त कर किया। मैंने अपने तीनों बच्चों के डाॅ बनाने के लिए सारी टाल की संपत्ति बेचकर किया। वहीं तीनों ने मेरा अरमान भी नहीं तोडा उज्जवल ने बताया कि अभी एमबीबीएस डिग्री प्राप्त किया है। अब पीजी की तैयारी करूंगा। पीजी डिग्री लेने के बाद पूर्ण चिकित्सक होगे।जिसकी तैयारी में जुट गए हैं। इधर लोगों में चर्चा हो रही है टिक्कर सिंह से सीख लेना चाहिए की टिक्कर सिंह अपराध में कदम रखा तो अपराध में अब्बल बना जब बच्चों के भविष्य में लगा तो उसमें भी अब्बल निकाला। और दोनों बेटा,बेटी को एमबीबीएस बनाया एवं तीसरी बेटी को भी एमबीबीएस की डिग्री कोलकाता मेडिकल कॉलेज से करवा रहा। जो द्वितीय वर्ष में पढ़ रही है। बताते चलें कि सुनील कुमार उर्फ टिक्कर सिंह भी बचपन में काफी पढ़ने में तेज तरार था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.